About Us

Home  |   Krishna Conciousness

🦚

कृष्णभावना

जानना • स्मरण करना • समझना • जीवन में उतारना

कृष्णभावना श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा, उनके पवित्र नाम का स्मरण और उनके उपदेशों को समझने तथा जीवन में आत्मसात करने की एक आध्यात्मिक यात्रा है।

SKON में यह यात्रा ज्ञान से समझ, नाम-स्मरण से जुड़ाव, साधना से अनुशासन, सत्संग से संगति और सेवा से जीवन में उसके विस्तार की दिशा में आगे बढ़ती है।

SKON About

SKON में यह यात्रा ....

  • ज्ञान से समझ
  • नाम-स्मरण से जुड़ाव
  • साधना से अनुशासन
  • सत्संग से संगति
  • सेवा से जीवन में उसके विस्तार

की दिशा में आगे बढ़ती है।

श्रीमद्भगवद्गीता

ज्ञान जो जीवन को दिशा दे

श्रीमद्भगवद्गीता श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद के माध्यम से कर्म, कर्तव्य, आत्मा, योग, ज्ञान, भक्ति और जीवन के उद्देश्य जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करती है।

SKON में गीता अध्ययन का उद्देश्य केवल श्लोक पढ़ना नहीं, बल्कि अर्थ समझना, भाव पर चिंतन करना और उसके संदेश को जीवन के संदर्भ में देखना है।

श्लोक
अर्थ
संवाद
मनन
[गीता अध्ययन कार्यक्रम]
Bhagavad Gita
भक्ति का सागर

हरिनाम संकीर्तन

पवित्र नाम से सामूहिक जुड़ाव

हरिनाम संकीर्तन भगवान के पवित्र नाम का सामूहिक स्मरण और कीर्तन है। यह भक्ति, एकाग्रता और आध्यात्मिक संगति से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।

महामंत्र

हरे कृष्ण हरे कृष्ण

कृष्ण कृष्ण हरे हरे

हरे राम हरे राम

राम राम हरे हरे

[संकीर्तन कार्यक्रम]
🎵
📿
🙏
आध्यात्मिक अभ्यास

जप • साधना • सत्संग

जप एवं नाम-स्मरण

नाम से जुड़ना • भीतर की ओर बढ़ना

नियमित नाम-स्मरण आध्यात्मिक अनुशासन और आत्मचिंतन का एक माध्यम हो सकता है।

साधना

भक्ति को जीवन का नियमित अभ्यास बनाना

साधना के विभिन्न रूपों में जप, नाम स्मरण, ध्यान, शास्त्र अध्ययन, सत्संग और संकीर्तन शामिल हो सकते हैं।

सत्संग

श्रवण • संवाद • चिंतन • संगति

सत्संग में श्रीकृष्ण, भक्ति और शास्त्रों से जुड़े विषयों को सुनने, समझने और उन पर विचार करने का अवसर मिलता है।

कथागीता अध्ययनप्रश्नोत्तरभजनसंकीर्तन
सत्संग कार्यक्रम →
जीवन में उतारना

भक्ति और दैनिक जीवन

कृष्णभावना का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि आध्यात्मिक समझ दैनिक जीवन के व्यवहार में भी दिखाई दे।

कर्तव्य
सत्य एवं सदाचार
संयम
करुणा
सम्मान
आत्मचिंतन
सेवा-भाव

आध्यात्मिक संगति

भक्तों एवं श्रद्धालुओं के साथ नाम-स्मरण, शास्त्र चर्चा, सत्संग, संकीर्तन और सेवा में सहभागी होना आध्यात्मिक जीवन में प्रेरणा और नियमितता बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

कृष्णभावना की यात्रा

श्रवणज्ञाननाम-स्मरणसाधनासत्संगआचरणसेवा
साधना से जुड़ें →